यह शोधपत्र सतना जिले की कृषि उपज मण्डी में कृषकों द्वारा
सामना की जाने वाली प्रमुख समस्याओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है।
अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मण्डी व्यवस्था की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझना, किसानों को विपणन
प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं की पहचान करना तथा उन समस्याओं के संभावित समाधान सुझाना
है। इसके लिए सतना जिले की प्रमुख कृषि उपज मण्डी से 128 कृषकों को यादृच्छिक
नमूना (Random
Sampling) के आधार पर चयनित किया गया। डेटा संग्रहण हेतु प्रश्नावली और साक्षात्कार विधि
का उपयोग किया गया, जबकि द्वितीयक आँकड़े सरकारी रिपोर्टों, मण्डी बोर्ड के प्रकाशनों
और पूर्ववर्ती शोधों से लिए गए।
अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि अधिकांश किसान मूल्य निर्धारण
में पारदर्शिता की कमी, भुगतान में देरी, बिचौलियों की अधिकता, परिवहन एवं भंडारण
सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लगभग 79% किसानों ने मूल्य
अस्थिरता को सबसे बड़ी समस्या बताया, जबकि 68% ने भुगतान में देरी को प्रमुख
अवरोध माना। छोटे और मध्यम कृषक वर्ग इन समस्याओं से सर्वाधिक प्रभावित पाए गए।
इसके अतिरिक्त, तकनीकी जानकारी के अभाव और ई-नाम जैसी डिजिटल प्रणालियों के सीमित प्रयोग के
कारण भी किसान आधुनिक विपणन व्यवस्था से वंचित हैं।
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